छतरपुर जिले के नौगांव में 9 फरवरी से लापता दो चचेरी बहनों के मामले में बड़ा मोड़ आ गया है। जिन दो युवतियों को परिवार नाबालिग बताकर तलाश रहा था, उन्होंने अचानक अपने पतियों के साथ वीडियो जारी कर सबको चौंका दिया। वीडियो में दोनों ने दावा किया है कि उन्होंने अपनी मर्जी से शादी की है और अब वे सुरक्षित हैं।
बताया जा रहा है कि दोनों युवतियां एटीएम से रुपए निकालने के बहाने घर से निकली थीं, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटीं। परिवार ने तुरंत गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई और आरोप लगाया कि पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही। जैसे-जैसे दिन बीतते गए, परिजनों की चिंता और गुस्सा बढ़ता गया। मामला तब और तूल पकड़ गया जब समाज के लोग बड़ी संख्या में थाने पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
इस बीच रविवार को जारी वीडियो ने पूरे घटनाक्रम की दिशा बदल दी। वीडियो में दोनों युवतियां अपने पतियों के साथ नजर आ रही हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उन्होंने दो हिंदू चचेरे भाइयों से विवाह किया है और यह फैसला पूरी तरह से उनकी सहमति से लिया गया है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि उनके ससुराल पक्ष को परेशान न किया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनके या उनके पतियों के परिवार को कोई नुकसान पहुंचता है, तो इसकी जिम्मेदारी मायके पक्ष की होगी।
प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। एक महिला ने आरोप लगाया कि उसके बेटे के साथ मारपीट की गई और पुलिस एकतरफा रवैया अपना रही है। उनका कहना था कि शिकायत के बावजूद पुलिस दूसरे पक्ष के आने का इंतजार कर रही थी, जिससे आक्रोश भड़क उठा और थाने के बाहर हंगामा हुआ।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या युवतियां वाकई बालिग हैं? यदि हां, तो मामला व्यक्तिगत स्वतंत्रता का बनता है। यदि नहीं, तो कानूनी कार्रवाई की दिशा बदल सकती है। पुलिस प्रशासन ने कहा है कि वीडियो की जांच की जा रही है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
फिलहाल नौगांव में यह मामला सामाजिक, धार्मिक और कानूनी बहस का केंद्र बन चुका है। सबकी नजर अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी है।







