मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में उस वक्त सनसनी फैल गई जब थाना तेजाजीनगर क्षेत्र के रालामंडल फॉरेस्ट ऑफिस के पास पुलिया के नीचे एक युवक का नग्न अवस्था में शव बरामद हुआ। शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ और पुलिस ने तुरंत मर्ग कायम कर तफ्तीश शुरू कर दी।
मृतक की पहचान रेनसिंह पिता बालजी बारेला (25 वर्ष), निवासी ग्राम तिल्लौर, स्थायी पता हसनापुर जिला गुना के रूप में हुई। शव की हालत और घटनास्थल की परिस्थितियां कई सवाल खड़े कर रही थीं क्या यह सुनियोजित हत्या थी? क्या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा? शहर में बढ़ती हलचल के बीच पुलिस ने तेजी से जांच का दायरा बढ़ाया। रात के सन्नाटे में आखिर उस पुलिया के नीचे क्या हुआ था यह जानना सबसे बड़ी चुनौती थी।
50 CCTV फुटेज, 100 से अधिक पूछताछ और 6 गिरफ्तार: मामूली कहासुनी से मौत तक
पुलिस आयुक्त श्री संतोष कुमार सिंह एवं अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) श्री अमित सिंह के निर्देशन में, पुलिस उपायुक्त जोन-1 श्री कृष्ण लालचंदानी के मार्गदर्शन तथा अति. पुलिस उपायुक्त श्रीमती मीना चौहान व सहायक पुलिस आयुक्त श्री रविन्द्र बिलवाल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
जांच के दौरान 50 से अधिक CCTV कैमरे खंगाले गए और 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई। फुटेज में रात करीब 2 बजे एक ऑटो रिक्शा और एक स्कूटी घटना स्थल की ओर जाते दिखाई दिए। तकनीकी साक्ष्य और मैदानी जांच ने धीरे-धीरे पूरी कहानी उजागर कर दी। पूछताछ में सामने आया कि मामूली कहासुनी के बाद आरोपियों ने रेनसिंह के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई। अपराध छिपाने के इरादे से शव को ऑटो रिक्शा में डालकर रालामंडल पुलिया के नीचे फेंक दिया गया।
पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सभी छह आरोपियों विरेन्द्र उर्फ गोलू, लोकेश उर्फ लक्की, राजेश उर्फ राजा, किशोर, प्रवीण उर्फ नजरू और विष्णु उर्फ अन्ना को गिरफ्तार कर लिया। घटना में प्रयुक्त डंडे, ऑटो रिक्शा, स्कूटी और फोर्स अरबेनिया गाड़ी भी जब्त कर ली गई है। इस त्वरित और सटीक कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सतर्कता, तकनीकी दक्षता और टीमवर्क से जटिल से जटिल अपराध का भी शीघ्र खुलासा संभव है।







