एक वर्ष के लंबे इंतजार के बाद मध्यप्रदेश के पन्ना में हीरों की बहुप्रतीक्षित नीलामी का मंच सजने जा रहा है। फरवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में आयोजित होने वाली यह नीलामी प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर के हीरा व्यापारियों के लिए खास महत्व रखती है। नीलामी की तारीखों की घोषणा में हुई देरी के चलते बाजार में अटकलों और अवैध कारोबार की चर्चाओं ने भी जोर पकड़ा था, लेकिन अब नवीन हीरा कार्यालय में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।
करीब एक साल तक नीलामी न होने से तुआदारों में बेचैनी बनी हुई थी। अब जैसे ही नीलामी की आहट सुनाई दी है, व्यापारियों में उत्साह की लहर दौड़ गई है। अधिकारियों के अनुसार इस बार पूरी प्रक्रिया अत्याधुनिक सुविधाओं और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न होगी।
इस वर्ष की नीलामी का मुख्य आकर्षण पांच बेशकीमती उज्ज्वल हीरे होंगे, जिनका वजन क्रमशः 17.11 कैरेट, 15.34 कैरेट, 11.95 कैरेट, 9.4 कैरेट और 7.67 कैरेट है। उच्च गुणवत्ता और चमक से भरपूर ये हीरे नीलामी के केंद्र में रहेंगे। इनके अलावा पिछले वर्ष के 41 और इस वर्ष के 111 नग मिलाकर कुल 152 हीरे बोली के लिए रखे जाएंगे। विभागीय आंकड़ों के अनुसार इनका अनुमानित बाजार मूल्य दो करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है।
गौरतलब है कि वर्ष 2024 की नीलामी ने भी राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी थीं, जब उच्च कैरेट का हीरा रिकॉर्ड कीमत पर बिका था। इस बार भी वैसी ही ऐतिहासिक बोली की उम्मीद की जा रही है।
हीरा कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष देरी का मुख्य कारण हीरों की कम आवक रही, लेकिन अब पर्याप्त मात्रा में हीरे उपलब्ध हैं। इसी माह नीलामी की तारीखों की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। दूर-दूर से व्यापारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं।
फरवरी के अंत में जब हथौड़ा गूंजेगा, तो एक बार फिर पन्ना की धरती से उठती हीरों की चमक देशभर के बाजारों को रोशन करती नजर आएगी।







