इंदौर के परदेशीपुरा क्षेत्र में बुधवार को दिनदहाड़े अड़ीबाजी और चाकूबाजी की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने महज पांच घंटे के भीतर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया।
पुलिस के अनुसार, 11 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 3 बजे फरियादी नितिन पंवार, निवासी आदर्श बिजासन नगर, कमेटी हॉल के पास खड़ा था। इसी दौरान आशीष पाल अपने दो साथियों के साथ मोटरसाइकिल पर वहां पहुंचा और शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगा। पैसे देने से मना करने पर आरोपी ने नितिन के हाथ पर चाकू से वार कर दिया।
घटना के कुछ ही घंटों बाद आरोपी ने आदर्श बिजासन नगर स्थित चौकसे धर्मशाला के पास विकास दुबे निवासी गुरूनानक कॉलोनी, अन्नपूर्णा के साथ मारपीट कर शराब के लिए रुपए मांगे। दोनों पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने आशीष पाल, शुभम पंडित और एक अन्य आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में सामने आया कि आरोपी आशीष पाल पहले से जिलाबदर है। पुलिस आयुक्त के आदेश अनुसार उसे एक वर्ष के लिए इंदौर सहित धार, खरगोन, देवास और उज्जैन जिले की राजस्व सीमाओं से बाहर रहने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद उसने आदेश का उल्लंघन कर घटना को अंजाम दिया, जिसके चलते राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 14 के तहत भी अलग से मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित सिंह, पुलिस उपायुक्त जोन-2 कुमार प्रतीक और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अमरेन्द्र सिंह के निर्देश पर एसीपी हिमानी मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी आर.डी. कानवा ने विशेष टीम गठित की। मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की।
पुलिस की दबिश के दौरान आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने लगा, लेकिन गिरने-पड़ने से उसके हाथ-पैर में चोटें आईं और आखिरकार पुलिस ने उसे पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद घटना में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया गया है, जबकि उसके अन्य साथियों की तलाश जारी है।
पुलिस ने बताया कि फरियादी और आरोपी दोनों ही थाने के सूचिबद्ध बदमाश हैं और आपसी रंजिश के चलते यह विवाद हिंसक रूप में सामने आया। फिलहाल आरोपी पुलिस अभिरक्षा में है और आगे की कार्रवाई जारी है।







