मृत्यु से पहले दिए बयान में कांग्रेस नेता पर सूदखोरी और प्रताड़ना के आरोप
खंडवा से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने शहर ही नहीं, प्रदेश की सियासत में भी हलचल मचा दी है। भारतीय जनता पार्टी के एक स्थानीय नेता ने कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली। गंभीर हालत में उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद माहौल उस वक्त और ज्यादा संवेदनशील हो गया जब मृत्यु से पहले दिए गए उनके बयान की जानकारी सामने आई। बताया जा रहा है कि अस्पताल में उपचार के दौरान पुलिस को दिए गए अपने बयान में उन्होंने कांग्रेस के एक नेता और पूर्व पार्षद पर सूदखोरी और लगातार प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए।
सूत्रों के अनुसार, बीजेपी नेता बीते कुछ समय से मानसिक तनाव में थे। परिजनों का कहना है कि वे आर्थिक दबाव और कथित तौर पर हो रही परेशानियों से जूझ रहे थे। हालांकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई अब पुलिस जांच के बाद ही साफ हो पाएगी।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सभी पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है। जिन नेताओं के नाम सामने आए हैं, उनसे भी पूछताछ की तैयारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मृतक का बयान जांच का महत्वपूर्ण आधार बनेगा, लेकिन अन्य साक्ष्यों और तथ्यों की भी गहन पड़ताल की जाएगी।
इस घटना ने खंडवा की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक ओर बीजेपी नेता की मौत पर शोक और आक्रोश है, तो दूसरी ओर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज होने लगा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है क्या यह मामला केवल आर्थिक विवाद का था, या इसके पीछे सियासी रंजिश की भी कोई परत छिपी है? जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा, लेकिन फिलहाल खंडवा में सन्नाटा भी है और सियासी सरगर्मी भी।







