मंदसौर जिले के गरोठ क्षेत्र में शनिवार रात ऐसा खुलासा हुआ, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया। गांधी सागर बांध के बैकवॉटर एरिया में, खेतों के बीच छिपाकर एमडी ड्रग्स की फैक्ट्री चलाई जा रही थी। बाहर से सब कुछ सामान्य, लेकिन अंदर ‘सफेद ज़हर’ तैयार हो रहा था। पुलिस को जैसे ही पुख्ता सूचना मिली, शनिवार शाम ठीक 7 बजे ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।
गरोठ थाने से करीब 30 किलोमीटर दूर सूरजना गांव के जंगलों में यह फैक्ट्री संचालित हो रही थी। देर रात पुलिस ने जब छापा मारा तो मौके से 12.50 किलो क्रूड एमडी ड्रग्स, भारी मात्रा में केमिकल और आधुनिक उपकरण बरामद किए गए। जब्त माल की अनुमानित कीमत 13 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है, जो इसे जिले की सबसे बड़ी ड्रग्स कार्रवाई में शामिल कर देती है।
ऑपरेशन की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 8 से ज्यादा थानों का पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। जंगल और खेतों के बीच पूरी रात सर्चिंग चलती रही, ताकि कोई भी संदिग्ध भाग न सके। हालात इतने संवेदनशील थे कि मौके पर पहुंचे मीडियाकर्मियों को भी करीब 2 किलोमीटर पहले ही रोक दिया गया।
गांधी सागर के शांत बैकवॉटर के पीछे चल रही इस अवैध फैक्ट्री ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं आखिर इतने बड़े पैमाने पर ड्रग्स का नेटवर्क कब से सक्रिय था और इसके तार कहां-कहां जुड़े हैं? पुलिस अब पूरे रैकेट की परतें खोलने में जुट गई है, और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासों की आशंका जताई जा रही है।







