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कोतवाली पुलिस ने खोला शातिर गिरोह का राज, 12.47 लाख का मशरूका जब्त

शहर की सड़कों पर राहगीरों को लिफ्ट देकर बड़ी चालाकी से जेब साफ करने वाले एक शातिर गिरोह का सिटी कोतवाली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। बुजुर्गों को खासतौर पर निशाना बनाने वाले इस गिरोह के तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर पुलिस ने उनके कब्जे से बोलेरो वाहन, नकदी और चोरी के पैसों से खरीदा सामान सहित कुल 12.47 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया है।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली निरीक्षक अभिषेक उपाध्याय के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम द्वारा की गई। पुलिस के मुताबिक गिरोह का तरीका इतना शातिर था कि पीड़ित को चोरी का अहसास तब होता, जब बदमाश काफी दूर निकल चुके होते।

पूरा मामला 3 फरवरी का है। शिकायतकर्ता लालबहादुर सिंह ने पुलिस को बताया कि बैंक से 50 हजार रुपये निकालकर पैदल जा रहे थे, तभी बोलेरो सवार युवकों ने उन्हें बस स्टैंड छोड़ने की बात कहकर वाहन में बैठा लिया। कुछ ही दूरी पर आरोपितों ने “दरवाजा ठीक से बंद नहीं है” कहकर ध्यान भटकाया। इसी दौरान बड़ी सफाई से नोटों से भरे बैग की चेन खोलकर पूरी रकम पार कर दी। कुछ आगे चलकर बुजुर्ग को नीचे उतारकर आरोपी फरार हो गए।

जांच में सामने आया कि पकड़े गए आरोपी आदतन अपराधी हैं। इनके खिलाफ पूर्व में भी अलग-अलग जिलों में चोरी, लूट और झपटमारी के कई मामले दर्ज हैं। यह गिरोह बैंक से निकलने वाले वरिष्ठ नागरिकों पर नजर रखता था और सुनसान रास्तों में वारदात को अंजाम देता था।

पुलिस ने देवेन्द्र उर्फ लाला यादव (26) निवासी बाणगंगा रीवा, सुधीश यादव (21) निवासी बाणगंगा रीवा और दुर्गेश शर्मा (32) निवासी रामगढ़ जिला मैहर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपितों के पास से 33 हजार रुपये नकद, चोरी की रकम से खरीदा गया 14 हजार का मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त सफेद बोलेरो (कीमत लगभग 1.20 लाख रुपये) जब्त की गई है।

इस कार्रवाई में निरीक्षक अभिषेक उपाध्याय, उप निरीक्षक विवेक द्विवेदी, उप निरीक्षक राजमणि अहिरवार, सहायक उप निरीक्षक विनोद त्रिपाठी, प्रधान आरक्षक रणबहादुर सिंह, तिलकराज सिंह, जितेन्द्र पाठक, आनंद शर्मा सहित आरक्षक अनुराग यादव और प्रखर पाण्डेय की अहम भूमिका रही।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वरिष्ठ नागरिकों को बैंक संबंधी कार्यों के लिए अकेले न भेजें, किसी अनजान व्यक्ति के वाहन में लिफ्ट न लें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना डायल-112 या नजदीकी थाने को दें। सतर्कता ही सुरक्षा है।

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