क्रिकेट की दुनिया में एक बार फिर सियासी फैसले ने खेल को झकझोर दिया है। पाकिस्तान सरकार ने साफ कर दिया है कि उसकी टीम टी-20 वर्ल्ड कप खेलेगी, लेकिन भारत के खिलाफ मैदान में नहीं उतरेगी। इस फैसले के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी ICC हरकत में आ गई है और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से जवाब तलब किया गया है। सवाल ये है कि भारत के खिलाफ मैच से दूरी पाकिस्तान को कितनी भारी पड़ सकती है?
ग्रुप स्टेज से बाहर होने से लेकर बैन तक, कितना बड़ा है खतरा?
ICC की प्लेइंग कंडीशन पाकिस्तान के लिए किसी चेतावनी से कम नहीं है। नियम 16.10.7 के मुताबिक अगर कोई टीम मैच का बहिष्कार करती है, तो उसे पूरे 20 ओवर में शून्य रन मान लिया जाता है, जबकि विरोधी टीम का एक भी ओवर नहीं गिना जाता। इसका सीधा असर नेट रन रेट पर पड़ता है — और पाकिस्तान का रन रेट इतना नीचे जा सकता है कि बाकी सारे मैच जीतने के बाद भी वापसी मुश्किल हो जाए।
ग्रुप-ए में भारत और पाकिस्तान के साथ नामीबिया, नीदरलैंड और अमेरिका जैसी टीमें हैं, जो पहले भी उलटफेर कर चुकी हैं। अमेरिका पिछले वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को बाहर का रास्ता दिखा चुका है और नीदरलैंड बड़ी टीमों के लिए हमेशा खतरा रहा है। ऐसे में एक भी हार पाकिस्तान के वर्ल्ड कप सफर को यहीं खत्म कर सकती है।
यहीं बात खत्म नहीं होती। अगर ICC पाकिस्तान के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ, तो सिर्फ पॉइंट्स का नुकसान नहीं बल्कि पूरे वर्ल्ड कप से बैन की तलवार भी लटक सकती है। इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मैचों के बहिष्कार पर सख्त कदम उठाए जा चुके हैं।
अब सबकी नजरें PCB के अगले कदम और ICC के फैसले पर टिकी हैं, क्योंकि ये मुकाबला सिर्फ भारत बनाम पाकिस्तान का नहीं, बल्कि क्रिकेट बनाम सियासत का भी बन चुका है।







