महाराष्ट्र की सियासत में शनिवार को एक ऐसा मोड़ आया, जिसने सत्ता के गलियारों से लेकर आम जनता तक को चौंका दिया। अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर इतिहास रच दिया। लोकभवन में आयोजित सादे लेकिन बेहद अहम समारोह में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। पूरा शपथ ग्रहण समारोह करीब 12 मिनट तक चला, लेकिन इन 12 मिनटों ने राज्य की राजनीति की दिशा बदल दी।
इस ऐतिहासिक मौके पर सबसे ज्यादा चर्चा शरद पवार की गैरमौजूदगी को लेकर रही। राजनीतिक जानकार इसे सिर्फ अनुपस्थिति नहीं, बल्कि आने वाले दिनों के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
शपथ से पहले दिन एनसीपी विधायक दल और विधान परिषद सदस्यों की विधान भवन में बैठक बुलाई गई थी, जहां सर्वसम्मति से सुनेत्रा पवार को पार्टी नेता चुना गया। इसके तुरंत बाद उन्होंने राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे डिप्टी सीएम बनने का रास्ता साफ हुआ।
गौरतलब है कि तीन दिन पहले 28 जनवरी को बारामती में हुए दर्दनाक प्लेन क्रैश में अजित पवार की मौत के बाद डिप्टी मुख्यमंत्री का पद रिक्त हो गया था। उस हादसे के बाद से ही सत्ता के समीकरण बदलने लगे थे और आज सुनेत्रा पवार की शपथ के साथ उन अटकलों पर विराम लग गया।
अब सवाल ये है क्या यह सिर्फ एक संवैधानिक कदम है, या महाराष्ट्र की राजनीति में किसी नए अध्याय की शुरुआत? जवाब आने वाले दिनों में मिलेगा।







