चीन से आई एक हैरान करने वाली कहानी ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। एक ब्लॉगर ने दावा किया कि उसने पुराने मोबाइल SIM कार्ड्स से करीब 30 लाख रुपये का सोना निकाल लिया।
सुनने में यह किसी साइंस-फिक्शन जैसी कहानी लगती है, लेकिन ब्लॉगर ने पूरे प्रोसेस का वीडियो शेयर कर दावा किया कि यह पूरी तरह रियल है।
उसने बताया कि उसने हजारों पुराने SIM कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक चिप्स इकट्ठा किए, फिर उन्हें खतरनाक केमिकल्स में डाला। इसके बाद इलेक्ट्रोलाइटिक प्रोसेस के ज़रिए सोने को अलग किया गया।
वीडियो में पिघलता हुआ चमकदार सोना देखकर लोग दंग रह गए — और यहीं से सवालों की बौछार शुरू हो गई।
सच क्या है? SIM में सोना या सिर्फ सनसनी
वीडियो में दावा किया गया कि एक SIM कार्ड में करीब 20 मिलीग्राम सोना होता है।
अगर यह सच हो, तो कबाड़ भी खजाना बन सकता है।
लेकिन एक्सपर्ट्स ने इस दावे को तुरंत चुनौती दी।
विशेषज्ञों के मुताबिक असलियत यह है कि एक आम SIM कार्ड में सिर्फ 0.47 मिलीग्राम के आसपास ही सोना होता है।
यानी अगर 191 ग्राम सोना निकालना हो, तो इसके लिए करीब 4 लाख SIM कार्ड चाहिए होंगे।
बढ़ती आलोचना के बाद खुद ब्लॉगर को सफाई देनी पड़ी। उसने कहा कि जिन SIM और चिप्स का इस्तेमाल किया गया, वे आम मोबाइल SIM नहीं थे, बल्कि गोल्ड-प्लेटेड इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट थे, जो प्रोफेशनल रीसाइक्लिंग कैटेगरी में आते हैं।
उसका कहना है कि मकसद सनसनी फैलाना नहीं, बल्कि यह दिखाना था कि इलेक्ट्रॉनिक कचरे में भी कितनी बड़ी आर्थिक वैल्यू छुपी हो सकती है।
अब सवाल यही है
क्या यह टेक्नोलॉजी का कमाल है,
या सोशल मीडिया का एक और चमकदार भ्रम?







