भागीरथपुरा से एक बेहद दुखद और चिंताजनक खबर सामने आई है। सेवानिवृत्त शिक्षक एवं भागीरथपुरा निवासी राजाराम बोरासी का आज सुबह निधन हो गया। परिजनों का आरोप है कि यह मौत गंदा पानी पीने से तबीयत बिगड़ने के कारण हुई है, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है।
बताया जा रहा है कि श्री बोरासी की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्हें कल ही शहर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के अनुसार उस समय उनकी दिल की धड़कन मात्र 20 प्रतिशत तक काम कर रही थी, हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी। तमाम प्रयासों के बावजूद आज सुबह उन्होंने अंतिम सांस ले ली।
मामले को और गंभीर बनाता है यह तथ्य कि उनके सुपुत्र नीरज बोरासी, जो स्वयं एक मीडिया समूह से जुड़े हुए हैं, ने शनिवार को ही कलेक्टर को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे दी थी। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा कल से लगातार दूषित पानी से बीमारी होने की बात से इनकार किया जाता रहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भागीरथपुरा में पिछले कुछ दिनों से पेयजल की गुणवत्ता बेहद खराब है, बावजूद इसके जिम्मेदार विभागों ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अब एक सम्मानित शिक्षक की मौत के बाद इलाके में गुस्सा और डर दोनों** का माहौल है।
स्वर्गीय राजाराम बोरासी की शव यात्रा आज दोपहर 2:00 बजे, उनके निज निवास 185, भागीरथपुरा से निकलकर मालवा मिल मुक्तिधाम पहुंचेगी। यह घटना सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करती है, क्या अब भी प्रशासन चेतकर ठोस कार्रवाई करेगा, या अगली खबर फिर किसी और जान की कीमत पर आएगी?







