इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में बुधवार शाम एक 19 वर्षीय युवती ने अपने ही घर में फांसी लगाकर जान दे दी। मृतका की पहचान नेहा यादव के रूप में हुई है, जो इंदौर के 3 नंबर विधायक गोलू शुक्ला के परिवार में छोटे बच्चे की देखभाल का काम करती थी। घटना का खुलासा तब हुआ, जब शाम को पिता काम से लौटे और काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। दरवाजा खोलने पर सामने का दृश्य दिल दहला देने वाला था।
कोई सुसाइड नोट नहीं, तबीयत खराब होने की बात कहकर नहीं गई थी काम पर
पुलिस के अनुसार नेहा बुधवार को विधायक के बंगले पर काम पर नहीं गई थी। उसने घरवालों से तबीयत ठीक न होने की बात कही थी। नेहा की मां उस दिन भी विधायक के घर काम पर थीं, जबकि पिता गोलू शुक्ला के फार्म हाउस पर काम निपटाने के बाद नगर निगम जोन गए हुए थे। शाम को घर लौटने पर बेटी को फंदे पर लटका देख उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची बाणगंगा पुलिस ने कमरे की बारीकी से जांच की, लेकिन वहां से किसी तरह का सुसाइड नोट या स्पष्ट संकेत नहीं मिला। नेहा दो बड़ी बहनों के साथ परिवार में सबसे छोटी थी। फिलहाल आत्महत्या के पीछे की वजह साफ नहीं हो पाई है। पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही है और हर पहलू से मामले की जांच जारी है।
यह घटना कई सवाल छोड़ गई है, जिनके जवाब अब पुलिस जांच के बाद ही सामने आ पाएंगे।







