मुरैना जिले के अंबाह में एक बार फिर कानून-व्यवस्था की पोल खुल गई है। जिस इलाके में रात को सन्नाटा रहता है, वहां अब डकैतों का राज चलता दिख रहा है। अंबाह थाना क्षेत्र में किन्नर राबिया के घर हुई डकैती कोई साधारण वारदात नहीं, बल्कि सिस्टम के मुंह पर तमाचा है।
कस्बे से करीब दो किलोमीटर दूर, दोहरी रोड पर स्थित राबिया किन्नर का घर… आसपास कोई मदद नहीं, कोई पड़ोसी नहीं और इसी अकेलेपन को हथियार बनाकर बीती रात 8 से 10 हथियारबंद बदमाश छत के रास्ते घर में घुस आए। पहले बेरहमी से मारपीट की, फिर हाथ-पैर बांधकर राबिया को कमरे में फेंक दिया। चीखें दीवारों में दबती रहीं और डकैत इत्मीनान से घर खंगालते रहे।
लूट का आंकड़ा सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं 18 से 20 तोला सोना, लगभग एक किलो चांदी और करीब चार लाख रुपये नकद। सवाल ये नहीं कि लूटा क्या गया, सवाल ये है कि लूटा कैसे गया? घर में हर कोना कैमरों की निगरानी में था, लेकिन डकैत इतने शातिर निकले कि सीधे डीवीआर ही उखाड़ ले गए। यानी वारदात पहले से प्लान थी, रेकी थी और जानकारी पूरी थी। अब सवाल उठता है ये जानकारी आई कहां से? घटना के बाद पूरे अंबाह में दहशत का माहौल है। एएसपी सुरेंद्र पाल सिंह डावर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे हैं, जांच की बात कही जा रही है, लेकिन लोगों के मन में एक ही सवाल गूंज रहा है क्या जांच से पहले बदमाश फिर वारदात कर जाएंगे?
अंबाह में आज डर घरों में कैद है और अपराध खुलेआम घूम रहा है। किन्नर राबिया ही नहीं, पूरा इलाका खुद को बंधक महसूस कर रहा है। अब देखना ये है कि पुलिस सिर्फ बयान देगी या वाकई इन बेखौफ डकैतों की गर्दन तक कानून का हाथ पहुंचेगा।







