तिलक नगर की सड़कों पर कल जो हुआ, उसने अपराधियों की नींद उड़ा दी। जो खुद को तेज़, शातिर और पकड़ से बाहर समझता था, वही चेन स्नेचर एक महिला के हौसले के आगे औंधे मुँह गिर पड़ा। स्कूटर पर घूम-घूम कर महिलाओं को डराने वाला बदमाश आखिरकार उसी सड़क पर बेइज्जत हुआ, जिसे वह अपनी लूट की पटरियों की तरह इस्तेमाल करता था।
यह वही आरोपी है, जो हीरा नगर, पते शिवपुरा और तिलक नगर में लगातार चैन स्नेचिंग की वारदातों को अंजाम दे रहा था। छह से ज़्यादा महिलाओं को लूट चुका था और हर बार कानून को चुनौती देता हुआ फरार हो जाता था। कल भी लूट के इरादे से निकला था, लेकिन शायद उसे अंदाज़ा नहीं था कि सामने वाली महिला शिकार नहीं, बल्कि शेरनी निकलेगी।
जैसे ही उसने महिला के गले पर हाथ डाला, पल भर में कहानी बदल गई। महिला ने डरने के बजाय बदमाश को वहीं धराशायी कर दिया। सड़क पर पटक दिया, पकड़कर रखा और लोगों को बुला लिया। जो हाथ चैन छीनने के लिए उठे थे, वही हाथ अब रहम की भीख मांगते नज़र आए। कुछ ही देर में पुलिस पहुंची और अपराधी हथकड़ी में था।
पुलिस ने आरोपी की पहचान आशुष नायडू के रूप में की है, जो खुद को भोजनालय संचालक बताता है। कर्ज़ के बोझ का बहाना बनाकर उसने अपराध को कमाई का जरिया बना लिया। मेहनत







