

बाल पकड़कर घसीटा, पत्थरों से हमला, जान से मारने की धमकी
सतना जिले के रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देवमऊ दलदल (बाबूपुर टोला) से मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां डीजे की तेज आवाज का विरोध करना महिलाओं को भारी पड़ गया। गांव के दबंगों ने न सिर्फ महिलाओं के साथ बेरहमी से मारपीट की, बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि थाना पुलिस ने प्रभावशाली आरोपियों के दबाव में उनकी रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की, जिससे मजबूर होकर उन्हें पुलिस अधीक्षक सतना से न्याय की गुहार लगानी पड़ी।
पीड़िता संध्या सिंह, गुडिया सिंह और संगीता सिंह द्वारा एसपी को दिए गए शिकायती आवेदन के अनुसार, 5 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 3:30 बजे गांव के कुछ लोग उनके घर के सामने तेज आवाज में डीजे बजा रहे थे और पत्थर उठाकर चबूतरा बना रहे थे। जब महिलाओं ने इसका विरोध किया और डीजे की आवाज धीमी करने को कहा, तो आरोपी भड़क उठे और गाली-गलौज शुरू कर दी।
आरोप है कि देखते ही देखते विवाद हिंसा में बदल गया। शिवेन्द्र सिंह ने संध्या सिंह के बाल पकड़कर उन्हें जमीन पर पटक दिया और पत्थर से हमला किया। लक्ष्मण मिश्रा ने संगीता सिंह की कलाई पर छन्ने से वार किया, जबकि अशोक तिवारी ने गुडिया सिंह के पैर पर पत्थर मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। अन्य आरोपियों ने भी लाठी-डंडों और लात-घूंसे से महिलाओं को बेरहमी से पीटा। ग्रामीणों के बीच-बचाव से उनकी जान बच सकी, नहीं तो हालात और भी भयावह हो सकते थे।
पीड़िताओं का कहना है कि मारपीट के बाद आरोपी जाते-जाते जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। घटना की सूचना तत्काल डायल 112 पर दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल संध्या सिंह की हालत नाजुक होने पर उन्हें जिला चिकित्सालय सतना रेफर किया गया, जहां वे फिलहाल उपचाररत हैं।
सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि जब पीड़ित महिलाएं थाना रामपुर बाघेलान पहुंचीं, तो पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज करने के बजाय उन्हें डांटकर भगा दिया। महिलाओं का आरोप है कि आरोपी दबंग और प्रभावशाली हैं, जिसके चलते पुलिस ने कार्रवाई से हाथ खींच लिए।
अब पीड़ित परिवार की आखिरी उम्मीद पुलिस अधीक्षक कार्यालय है। सवाल यह है कि क्या महिलाओं को इंसाफ मिलेगा या दबंगों का डर कानून से भी बड़ा साबित होगा? पूरे जिले की नजरें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।








