मौत की डोर: शहर में फिर लहूलुहान हुई इंसानियत, चाइनीज मांझे ने ली 45 वर्षीय व्यक्ति की जान
शहर में प्रतिबंधित चाइनीज मांझा एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है। रविवार शाम करीब 5 बजे, तिलकनगर थाना क्षेत्र में एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने प्रशासन की सख्ती और समाज की लापरवाही, दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
ओम साईं विहार कॉलोनी, बिचौली मर्दाना निवासी 45 वर्षीय रघुवीर धाकड़ रोज़ की तरह सड़क से गुजर रहे थे। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि आसमान में उड़ती एक पतंग की डोर उनकी जिंदगी की आखिरी लकीर बन जाएगी।
हादसा शकुंतला हॉस्पिटल के पास हुआ। चलते-चलते अचानक चाइनीज मांझा रघुवीर के गले में फंस गया। धारदार मांझे ने पल भर में उनका गला काट दिया। खून से लथपथ रघुवीर सड़क पर गिर पड़े और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद राहगीरों ने बिना देर किए उन्हें एमवाय अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। एक आम आदमी की जान यूं सरेआम चली गई, वो भी एक ऐसे खतरे से, जिस पर पहले से प्रतिबंध है।
घटना की सूचना मिलते ही तिलकनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी चाइनीज मांझे से कई लोग घायल हो चुके हैं, कुछ की जान भी जा चुकी है। शहर पुलिस लगातार चाइनीज मांझा बेचने और उड़ाने वालों पर कार्रवाई कर रही है। हाल ही में पतंग उड़ाते पाए जाने पर भी चालान और जब्ती की कार्रवाई की गई थी। इसके बावजूद कुछ लोग मुनाफे और शौक के आगे जनसुरक्षा को ताक पर रखे हुए हैं।
यह घटना साफ बताती है कि समस्या सिर्फ कानून की नहीं, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की भी है। जब तक समाज खुद जागरूक नहीं होगा, तब तक आसमान से गिरती ये मौत की डोरें यूं ही जिंदगियां काटती रहेंगी।







