
भागीरथपुरा कांड पर गुस्सा फूटा, ‘इस्तीफा दो’ के नारों के बीच पुलिस ने कार्यकर्ताओं को किया गिरफ्तार
इंदौर में शनिवार को उस वक्त सियासी माहौल गरमा गया, जब समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने किला मैदान बंगले स्थित वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय के बंगले का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि भागीरथपुरा जैसे गंभीर कांड में कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन अब तक जिम्मेदारों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
हाथों में तख्तियां और मुंह पर आक्रोश लिए समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता “कैलाश विजयवर्गीय इस्तीफा दो” के नारे लगाते हुए बंगले के बाहर जमा हो गए। कार्यकर्ताओं का कहना था कि जब जनता की जान जा रही है, तब सत्ता में बैठे नेताओं की चुप्पी सवालों के घेरे में है।
जैसे-जैसे प्रदर्शन तेज होता गया, मौके पर पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने सख्ती दिखाई और प्रदर्शन कर रहे कई समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद भी प्रदर्शनकारियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उन्होंने प्रशासन पर दबाव में काम करने के आरोप लगाए।
समाजवादी पार्टी नेताओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि भागीरथपुरा कांड में दोषियों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन और भी उग्र किया जाएगा। वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई जरूरी थी।
फिलहाल इंदौर में यह प्रदर्शन राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है और सवाल यही है—क्या इस सियासी दबाव के बाद भागीरथपुरा कांड पर कोई बड़ा फैसला सामने आएगा, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?








