बांदा से इंसाफ की एक मिसाल सामने आई है। 5 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के प्रयास के मामले में अदालत ने हैवान आरोपी अमित रैकवार को फांसी की सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने महज 56 दिनों में सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाते हुए साफ कहा- “इसे तब तक फंदे पर लटकाया जाए, जब तक इसका दम न टूट जाए।”
फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज प्रदीप कुमार मिश्रा ने फैसले के दौरान कहा कि ऐसे जघन्य अपराध में नरमी दिखाना पीड़िता के साथ अन्याय होगा। फैसला सुनाने के बाद जज ने कलम तोड़कर समाज को कड़ा संदेश दिया कि मासूमों पर दरिंदगी करने वालों के लिए कानून में कोई जगह नहीं है।
घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 5 घंटे के भीतर मुठभेड़ में उसे गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान आरोपी के दोनों पैरों में गोलियां लगीं। ↓
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