देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में पानी को लेकर बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। भागीरथपुरा इलाके में नर्मदा जल सप्लाई के बाद अब बोरिंग का पानी भी गंभीर रूप से दूषित पाया गया है। नगर निगम की प्रयोगशाला जांच में बोरिंग के पानी में फीकल कोलिफार्म यानी मल-मूत्र से उत्पन्न होने वाले खतरनाक बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है।
हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि दूषित पानी के सेवन से बीमार पड़े 20 से ज्यादा मरीजों को ICU में भर्ती कराना पड़ा है। उल्टी-दस्त, तेज बुखार और पेट के गंभीर संक्रमण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नर्मदा लाइन की शिकायतों के बाद उन्होंने बोरिंग के पानी का सहारा लिया, लेकिन वही पानी अब जानलेवा साबित हो रहा है। सवाल यह है कि जब नर्मदा जल और भूजल दोनों ही सुरक्षित नहीं, तो जनता आखिर भरोसा किस पर करे?
नगर निगम ने प्रभावित इलाके में बोरिंग का पानी पीने पर रोक लगा दी है और टैंकरों से पानी सप्लाई करने की बात कही है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को उबालकर पानी पीने और लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल जाने की सलाह दी है।
स्वच्छता में नंबर वन कहे जाने वाले इंदौर में यह जल त्रासदी प्रशासनिक लापरवाही पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।







