
इंदौर नगर के प्रशासनिक इतिहास में शुक्रवार 3 जनवरी 2026, एक विशेष और यादगार दिन बन गया, जब नवागत नगर निगम आयुक्त IAS क्षितिज सिंघल ने आस्था और संकल्प के संग अपने कार्यकाल की शुरुआत की। पदभार ग्रहण करने से पहले सिंघल ने शहर की आस्था के प्रमुख केंद्र खजराना श्री गणेश मंदिर में विधिवत पूजन-अर्चन कर भगवान गणेश का आशीर्वाद लिया।
खजराना मंदिर में दर्शन के दौरान वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक और शांत रहा। माना जाता है कि किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणपति पूजन से करने पर विघ्न बाधाएं दूर होती हैं। इसी विश्वास के साथ नवागत आयुक्त ने शहर की जिम्मेदारी संभालने से पहले गणेश जी के चरणों में शीश नवाया।
पूजन के पश्चात देर रात नगर निगम कार्यालय में एक सादे लेकिन गरिमामय समारोह में IAS क्षितिज सिंघल ने औपचारिक रूप से इंदौर नगर निगम आयुक्त का पदभार ग्रहण किया। रात के समय हुए इस प्रशासनिक परिवर्तन ने शहर में नई चर्चाओं और उम्मीदों को जन्म दे दिया।
पदभार ग्रहण करते ही निगम मुख्यालय में हलचल देखी गई। वरिष्ठ अधिकारी, निगम के कर्मचारी और प्रशासनिक अमला नए आयुक्त के स्वागत और मार्गदर्शन के लिए उपस्थित रहा। क्षितिज सिंघल ने पदभार संभालने के तुरंत बाद अधिकारियों से संक्षिप्त चर्चा की और निगम की वर्तमान कार्यप्रणाली प्रमुख योजनाओं एवं लंबित कार्यों की जानकारी ली।
सूत्रों के अनुसार नवागत आयुक्त का फोकस स्वच्छता, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, नागरिक सुविधाओं और पारदर्शी प्रशासन पर रहेगा। इंदौर, जो पहले ही स्वच्छता में देशभर में अपनी अलग पहचान बना चुका है, वहां प्रशासनिक निरंतरता और नवाचार को बनाए रखना सिंघल के लिए एक बड़ी चुनौती मानी जा रही है।
नगर के बुद्धिजीवियों और सामाजिक संगठनों में नए आयुक्त को लेकर सकारात्मक माहौल देखा जा रहा है। लोगों को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में इंदौर विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा और नागरिक सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।
आस्था से शुरू हुआ यह प्रशासनिक सफर अब कर्म और कर्तव्य की राह पर आगे बढ़ चुका है। खजराना गणेश के आशीर्वाद के साथ इंदौर को मिला यह नया नेतृत्व आने वाले दिनों में शहर को किस दिशा में ले जाएगा, इस पर पूरे नगर की निगाहें टिकी हुई हैं।







