इंदौर में क्राइम ब्रांच पुलिस ने ऑपरेशन F.A.C.E. के तहत एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए 84 फर्जी सिम कार्ड एक्टिवेट करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी विपिन मगरदे, निवासी बैतूल, ने टेलीकॉम कंपनियों के टारगेट पूरा करने पर मिलने वाले बोनस के लालच में यह पूरा खेल रचा।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने VI, Airtel और BSNL जैसी बड़ी कंपनियों के सिम कार्ड एक ही फोटो का इस्तेमाल कर एक्टिवेट किए। इतना ही नहीं, टारगेट पूरा होते ही इन सिम कार्ड्स को डिएक्टिवेट भी कर दिया जाता था, ताकि शक न हो।
क्राइम ब्रांच की पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने फर्जी सिम एक्टिवेशन के लिए अज्ञात लोगों के आधार कार्ड का इस्तेमाल किया। साथ ही POS एजेंट के तौर पर अपनी बहन और दोस्त के नाम का उपयोग भी उनकी जानकारी के बिना किया।
राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर चलाए जा रहे इस ऑपरेशन में इंदौर पुलिस ने तीन संदिग्ध फेस की पहचान की थी, जिनमें से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को ट्रेस कर बैतूल से पकड़ा गया।
फिलहाल आरोपी के खिलाफ दूरसंचार अधिनियम 2023, आईपीसी की धारा 420 और आईटी एक्ट की धारा 66C के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
फर्जी सिम कार्ड का यह मामला न सिर्फ साइबर सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि बड़े अपराधों की भी जमीन तैयार कर सकता है। ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई बेहद अहम मानी जा रही है।







