संसद के मानसून सत्र की शुरुआत जोरदार हंगामे के साथ हुई। लोकसभा के पहले ही दिन विपक्षी सांसदों ने कई अहम मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने NEET-UG पेपर लीक, राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी, महंगाई और अन्य जनहित के मुद्दों पर तत्काल चर्चा की मांग करते हुए जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। कई सांसद पोस्टर और बैनर लेकर सदन में पहुंचे, जिससे माहौल पूरी तरह से गरमा गया।
हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही महज 12 मिनट ही चल सकी। लगातार शोर-शराबे के बीच स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों से अपनी सीटों पर लौटने और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की, लेकिन जब स्थिति सामान्य नहीं हुई तो उन्होंने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
वहीं, संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर के हंस द्वार पर मीडिया को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे मानसून देश के लिए जरूरी होता है, वैसे ही मानसून सत्र भी लोकतंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी दलों से आग्रह किया कि संसद में तर्क, तथ्य और सकारात्मक चर्चा के माध्यम से जनता की अपेक्षाओं को पूरा किया जाए। पीएम ने कहा कि जब मानसून और मानसून सत्र दोनों सक्रिय और सकारात्मक हों, तभी देश के हित में बेहतर परिणाम सामने आते हैं।
आपको बता दें कि 18वीं लोकसभा का नौवां सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा। 25 दिनों तक चलने वाले इस मानसून सत्र में लोकसभा और राज्यसभा की कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में संसद में चर्चा होगी या फिर हंगामे का दौर जारी रहेगा।







