तमिलनाडु की राजनीति में आज बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। डीएमके नेता और तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन को अभिनेत्री तृषा पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और मामला अब कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर चर्चा का विषय बन गया है।
दरअसल, सोमवार को तंजावुर में कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित एक रैली के दौरान उदयनिधि स्टालिन मंच पर मौजूद थे। इसी बीच भीड़ में कुछ लोगों ने अभिनेत्री तृषा के नाम के नारे लगाए। आरोप है कि इस पर उदयनिधि ने ऐसी टिप्पणी की जिसे अभिनेत्री के संदर्भ में आपत्तिजनक माना गया। इस बयान के बाद विरोध बढ़ा और पुलिस ने उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया।
गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए उदयनिधि स्टालिन ने मद्रास हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका भी दाखिल की थी। लेकिन अदालत में सुनवाई होने से पहले ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों ने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया, जबकि विपक्ष ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
हालांकि, सुनवाई के दौरान मद्रास हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश देते हुए कहा कि पुलिस आवश्यक पूछताछ पूरी करने के बाद उदयनिधि स्टालिन को उसी दिन रिहा करेगी। अदालत के इस निर्देश के बाद उन्हें लंबी न्यायिक हिरासत में नहीं भेजा गया।
वहीं, उदयनिधि स्टालिन ने अपनी सफाई में कहा कि उनकी टिप्पणी का संबंध अभिनेत्री तृषा से नहीं था। उनका कहना है कि उन्होंने कावेरी नदी के पानी के संदर्भ में बात की थी और उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। अब यह मामला जांच और कानूनी प्रक्रिया के जरिए आगे बढ़ेगा।
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने तमिलनाडु की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और अदालत की अगली सुनवाई पर टिकी हुई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और आगे इस मामले में क्या कानूनी कार्रवाई होती है।







