चीचली जनपद की सीरेगांव पंचायत में विकास कार्यों को लेकर बढ़ते विवाद ने मंगलवार रात गंभीर रूप ले लिया। सरपंच महेंद्र कुशवाहा ने पंचायत भवन में खुद को कैद कर आत्मदाह की चेतावनी दे दी। उनका आरोप है कि पंचायत में स्वीकृत निर्माण और विकास योजनाओं को लगातार रोक-टोक का सामना करना पड़ रहा है, जिससे गांव का विकास पूरी तरह ठप है।
सरपंच ने बताया कि पिछले दो वर्षों से वे विकास कार्य कराने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने जनपद पंचायत और जिला प्रशासन तक कई बार लिखित आवेदन दिए और जनसुनवाई में समस्याएं रखीं, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला। निराकरण न होने के कारण वे मानसिक रूप से परेशान हैं। उनका कहना है कि यह कदम निजी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि पंचायत की लंबित समस्याओं को लेकर उठाया गया है।
सरपंच महेंद्र कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि पंचायत भवन का ताला तब तक नहीं खोला जाएगा, जब तक कलेक्टर और जिला पंचायत के वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से आकर उनसे चर्चा नहीं करते। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो वे आत्मदाह तक कर सकते हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। अधिकारी मौके पर पहुंचे और सरपंच को मनाने का प्रयास किया। सरपंच की आत्मबंदी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला और संवेदनशील हो गया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है और संवाद के माध्यम से स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रशासन ने बताया कि मौके पर तकनीकी टीम भेजी गई है और एई व इंजीनियरों को निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। पंचायत पर लगभग आठ लाख रुपये की रिकवरी लंबित है। जिन विकास कार्यों का मूल्यांकन किया जाना था, उनमें से कुछ अभी पूरे नहीं हुए हैं। भुगतान और रिकवरी से जुड़े प्रकरणों का निराकरण करने के प्रयास किए जा रहे हैं।







