नए साल की पार्टी… शराब… रसूखदार चेहरे… और फिर एक ऐसा आरोप जिसने सियासत में भूचाल ला दिया। 31 दिसंबर 2025 की रात फॉर्महाउस पर हुई पार्टी अब पॉक्सो केस में बदल चुकी है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे साई भागीरथ पर 17 साल की नाबालिग से छेड़छाड़ और जबरदस्ती का गंभीर आरोप लगा है।
पीड़िता के मुताबिक पार्टी में शराब पीने का दबाव बनाया गया। नशे में धुत साई भागीरथ ने पहले गलत तरीके से छुआ, फिर लड़की पर फिजिकल होने का दबाव डालने लगा। डर और दबाव के बीच लड़की विरोध भी नहीं कर सकी। घटना के बाद उसने अपनी मां को पूरी आपबीती सुनाई।
आरोप है कि परिवार जब शिकायत दर्ज कराने पहुंचा तो उन पर मामला दबाने का दबाव बनाया गया। करीब चार महीने बाद 8 मई को आखिरकार मां की शिकायत पर पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ और साई भागीरथ को गिरफ्तार कर लिया गया।
अब इस मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है। गिरफ्तारी के बाद RSS का नाम घसीटने की कोशिश हुई, जिस पर संघ ने साफ बयान जारी कर कहा कि यह बीजेपी का आंतरिक मामला है, संघ का इससे कोई संबंध नहीं।
फिलहाल सवाल यही है… क्या रसूख और सत्ता के दम पर इतने महीनों तक कार्रवाई टलती रही? और अगर पीड़िता आवाज नहीं उठाती… तो क्या यह मामला कभी सामने आता?







