भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित बुंदेली समागम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने खास अंदाज में नजर आए। कार्यक्रम में बुंदेलखंड के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स ने मुख्यमंत्री से सीधे संवाद किया और अलग-अलग सवाल पूछे।
इसी दौरान छतरपुर की बुंदेली कंटेंट क्रिएटर बिन्नू रानी ने मुख्यमंत्री से सवाल किया। उन्होंने पूछा कि आपने अपनी जिज्जियों यानी बहनों के लिए तो बहुत कुछ किया है, लेकिन जिज्जियों की बिन्नुओं यानी बेटियों के लिए आप क्या करना चाहते हैं?
बिन्नू रानी के इस सवाल पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हल्के-फुल्के और मजाकिया अंदाज में जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने कहा— “तुमको मालूम नहीं, लाड़ली बहना ही बहुत महंगी पड़ गई। मुझे क्या पता था मुख्यमंत्री बनते ही इतनी भारी मार पड़ती है।”
मुख्यमंत्री के इस जवाब के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच माहौल हल्का और खुशनुमा हो गया। मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी ने लाड़ली बहना योजना को लेकर उनके मजाकिया अंदाज को सामने रखा।
बुंदेली समागम में केवल राजनीतिक और सरकारी योजनाओं की चर्चा ही नहीं हुई, बल्कि बुंदेली संस्कृति, भाषा और डिजिटल कंटेंट को लेकर भी संवाद हुआ। कार्यक्रम में फिल्म अभिनेता मुकेश तिवारी के साथ बड़ी संख्या में बुंदेली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स शामिल हुए।
इस दौरान कंटेंट क्रिएटर्स ने मुख्यमंत्री से बुंदेलखंड की संस्कृति, युवाओं और सोशल मीडिया के जरिए क्षेत्र की पहचान को आगे बढ़ाने जैसे विषयों पर भी बातचीत की।
मुख्यमंत्री की लाड़ली बहना पर की गई यह टिप्पणी अब चर्चा में है। हालांकि मुख्यमंत्री ने इसे गंभीर राजनीतिक बयान के बजाय कार्यक्रम के दौरान पूछे गए सवाल के जवाब में मजाकिया अंदाज में कहा था।





