अमेरिका में पढ़ाई करने वाले विदेशी छात्रों के लिए बड़ी खबर है। ट्रंप प्रशासन विदेशी छात्रों की पढ़ाई पूरी होने के बाद अमेरिका में नौकरी करने की प्रक्रिया को और महंगा बनाने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, आपके दिए आंकड़े में एक अहम बात स्पष्ट करना जरूरी है—OPT के लिए 1 लाख डॉलर फीस वाले प्रस्ताव की विश्वसनीय पुष्टि मुझे उपलब्ध ताजा स्रोतों में नहीं मिली। इसलिए इसे फिलहाल प्रस्तावित/रिपोर्टेड दावे के रूप में ही देखना चाहिए।
OPT यानी Optional Practical Training वह व्यवस्था है, जिसके तहत अमेरिका में पढ़ाई पूरी करने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों को अपने अध्ययन से संबंधित क्षेत्र में सीमित अवधि तक काम करने का मौका मिलता है।
अगर 1 लाख डॉलर यानी करीब 96 लाख रुपये की फीस वाला प्रस्ताव लागू होता है, तो विदेशी छात्रों के लिए पढ़ाई के बाद अमेरिका में नौकरी जारी रखना बेहद महंगा हो सकता है। खासकर भारतीय छात्रों पर इसका बड़ा असर पड़ने की संभावना बताई जा रही है।
अमेरिकी इमिग्रेशन नीति में हाल के महीनों में कई बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं। अगस्त में ट्रंप प्रशासन ने नए H-1B वीजा पर 1,03,265 डॉलर तक की फीस को स्थायी बनाने का प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव को लेकर कानूनी चुनौती भी चल रही है।
इसके अलावा, विदेशी छात्रों के लिए वीजा की अवधि और इंटर्नशिप से जुड़े नियमों को भी सख्त करने की कोशिश हुई है। सितंबर में एक अमेरिकी संघीय अदालत ने विदेशी छात्रों के अमेरिका में रहने की अवधि सीमित करने वाले एक नए नियम को फिलहाल रोक दिया।
यानी अमेरिका में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों के सामने अब सिर्फ ट्यूशन फीस और रहने का खर्च ही चुनौती नहीं है, बल्कि पढ़ाई के बाद नौकरी और वीजा नियमों में संभावित बदलाव भी बड़ा मुद्दा बनते जा रहे हैं।
अगर 1 लाख डॉलर वाला OPT शुल्क वास्तव में लागू होता है, तो अमेरिका में पढ़ाई के बाद वहीं करियर बनाने की योजना बना रहे हजारों विदेशी छात्रों के फैसले पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। फिलहाल इस प्रस्ताव की अंतिम स्थिति और आधिकारिक नियम आने का इंतजार है।





