गोवा की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज होती दिखाई दे रही है। विपक्षी दल अब चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। कांग्रेस और गोवा फॉरवर्ड पार्टी यानी GFP के बीच गठबंधन को लेकर शुरुआती दौर की बातचीत शुरू हो चुकी है। वहीं, आम आदमी पार्टी ने भी संकेत दिए हैं कि अगर हालात बने तो विपक्षी एकता का हिस्सा बनने पर विचार किया जा सकता है।
गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गिरीश चोडंकर ने बताया कि उनकी GFP प्रमुख विजय सरदेसाई के साथ इस मुद्दे पर महत्वपूर्ण बैठक हुई है। यह मुलाकात दक्षिण गोवा के फतोरदा में हुई, जहां दोनों नेताओं ने आगामी चुनाव की रणनीति और गठबंधन की संभावनाओं पर चर्चा की। हालांकि, फिलहाल इसे शुरुआती बातचीत बताया गया है और अंतिम फैसला अभी बाकी है।
चोडंकर के मुताबिक, आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच एक और बैठक होगी, जिसमें सीट शेयरिंग और चुनावी तालमेल जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। गौरतलब है कि कांग्रेस और GFP ने 2022 का विधानसभा चुनाव भी मिलकर लड़ा था और अब उसी सहयोग को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी के सकारात्मक संकेतों ने विपक्षी समीकरणों को और दिलचस्प बना दिया है। यदि तीनों दल किसी साझा रणनीति पर सहमत होते हैं, तो गोवा का चुनावी मुकाबला पहले से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
उधर, भारतीय जनता पार्टी लगातार चौथी बार गोवा में सरकार बनाने का लक्ष्य लेकर मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। ऐसे में आने वाले महीनों में गठबंधन, सीटों का बंटवारा और राजनीतिक समीकरण गोवा की राजनीति की सबसे बड़ी चर्चा बनने वाले हैं।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या विपक्ष एक मजबूत महागठबंधन बनाकर चुनावी मैदान में उतरेगा या फिर राजनीतिक दल अलग-अलग राह चुनेंगे। आने वाले दिनों की बैठकों से ही गोवा की चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ होती नजर आएगी।







