मध्यप्रदेश के आदिवासी अंचलों और नर्मदा क्षेत्र के लिए केंद्र सरकार ने विकास का बड़ा दरवाजा खोल दिया है। मोदी सरकार ने 4415 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले नेशनल हाईवे अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है, जो जुलवानिया, खंडवा और बैतूल को नई रफ्तार देगा।
केंद्रीय कैबिनेट के फैसले के तहत एनएच-347 बी के 233 किलोमीटर से अधिक लंबे मार्ग को आधुनिक मानकों के अनुसार विकसित किया जाएगा। हिवरखेड़ी से आशापुर और रुधी तक सड़क को बेहतर बनाया जाएगा, जबकि देशगांव-जुलवानिया खंड को दो लेन से चार लेन में बदला जाएगा।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना में खरगोन जिले में 16 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड बायपास भी बनाया जाएगा। इससे न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि माल परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक यह हाईवे आदिवासी क्षेत्रों के आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और पर्यटन को बढ़ावा देगा। नर्मदा नदी के आसपास के धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगी।
कुल मिलाकर यह सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के आदिवासी और नर्मदा अंचल के लिए विकास, रोजगार और बेहतर कनेक्टिविटी का नया राजमार्ग साबित होने जा रही है।







