गुजरात की साबरमती सेंट्रल जेल… 68 एकड़ में फैली और करीब 18 से 20 फीट ऊंची दीवारों से घिरी यह हाई-सिक्योरिटी जेल देश के सबसे चर्चित कैदियों में से एक लॉरेंस बिश्नोई की वजह से भी सुर्खियों में रहती है।
दावों के मुताबिक, जेल के भीतर लॉरेंस को करीब 10 से 12 फीट की एक अलग कोठरी में रखा गया है। कोठरी के सामने छोटा सा गार्डन है और आसपास सुरक्षा के लिए गार्ड तैनात रहते हैं। उसकी कोठरी में हनुमान जी और भगत सिंह की तस्वीरें लगी होने की बात भी सामने आई है।
बताया जाता है कि लॉरेंस की निगरानी के लिए 3 से 4 गार्ड और कुछ सेवादार आसपास मौजूद रहते हैं। हालांकि, जेल के भीतर से गैंग चलाने और नेटवर्क संचालित करने से जुड़े कई दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि अलग-अलग स्तर पर जरूरी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, लॉरेंस के नेटवर्क में कुछ बेहद करीबी कमांडर बताए जाते हैं, जो बाहर रहकर अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालते हैं। इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियों की नजर जेल के अंदर और बाहर उसके संपर्कों पर बनी रहती है।
अब बात जेल के माहौल की करें तो साबरमती जेल का परिसर धार्मिक स्थलों से भी जुड़ा हुआ है। मुख्य गेट के बाहर एक छोटा हनुमान मंदिर है। जेल के अंदर प्रवेश करने के बाद द्वारेश्वर महादेव मंदिर दिखाई देता है, जहां महादेव के साथ दक्षिण भारत में पूजे जाने वाले भगवान अयप्पा की प्रतिमा भी मौजूद है।
यानी ऊंची दीवारों, कड़ी सुरक्षा और सीमित गतिविधियों के बीच लॉरेंस की जेल जिंदगी बेहद नियंत्रित बताई जाती है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या जेल की इन दीवारों के भीतर से सच में उसका आपराधिक नेटवर्क संचालित होता है, या यह सिर्फ दावों और जांच का विषय है?
फिलहाल, लॉरेंस बिश्नोई और उसके नेटवर्क से जुड़े मामलों में सुरक्षा एजेंसियों की जांच और जेल प्रशासन की निगरानी लगातार जारी है।







