मध्य प्रदेश के सैकड़ों संविदा अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। 31 मार्च 2027 को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है, लेकिन मिशन के साथ कर्मचारियों की नौकरी खत्म नहीं होगी। राज्य सरकार ने पहले ही इन कर्मचारियों को अन्य सरकारी विभागों और योजनाओं में समायोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि मिशन बंद होने के बाद कर्मचारियों को सेवा मुक्त करने के बजाय उनकी सेवाओं का उपयोग अन्य योजनाओं में किया जाएगा। इसके लिए विभिन्न विभागों से खाली पड़े संविदा पदों का पूरा ब्यौरा मांगा गया है, ताकि समय रहते कर्मचारियों का समायोजन किया जा सके।
जानकारी के मुताबिक, जिन विभागों से रिक्त पदों की जानकारी मांगी गई है उनमें मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क प्राधिकरण, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, पंचायत राज संचालनालय, विकास आयुक्त कार्यालय, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण, विकसित भारत कार्यक्रम, राजीव गांधी जलग्रहण मिशन, वाल्मी और एसआईआरडी जबलपुर शामिल हैं।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्वच्छ भारत मिशन के समाप्त होने के बाद भी अनुभवी संविदा अधिकारी और कर्मचारी बेरोजगार न हों। इनकी कार्यक्षमता और अनुभव का लाभ दूसरी सरकारी योजनाओं में लिया जाएगा, जिससे योजनाओं के संचालन में भी मजबूती आएगी।
यानी, स्वच्छ भारत मिशन भले ही 31 मार्च 2027 को समाप्त हो जाए, लेकिन उससे जुड़े कर्मचारियों के लिए राहत की राह खुलती नजर आ रही है। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार समायोजन की प्रक्रिया कब और किस तरीके से पूरी करती है।







