कश्मीर में कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को एक बार फिर धमकी भरी चिट्ठी मिलने से दहशत का माहौल है। दावा है कि लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल यानी यूएलसी ने एक महीने के भीतर छठी धमकी जारी की है। इस बार निशाने पर पीएम पैकेज के तहत कश्मीर में काम कर रहे कश्मीरी पंडित कर्मचारी बताए जा रहे हैं।
धमकी में कथित तौर पर कर्मचारियों की निजी जानकारी तक पहुंच होने का दावा किया गया है। इसमें उनके फोन नंबर, घर के पते और वाहनों से जुड़ी जानकारी का जिक्र है। सबसे गंभीर बात यह है कि चिट्ठी में गैर-स्थानीय कर्मचारियों के शव उनके घर भेजने जैसी धमकी दी गई है।
इन धमकियों के बाद करीब 6 हजार पीएम पैकेज कर्मचारियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि डर के कारण कई कर्मचारी दफ्तर जाने से बच रहे हैं और कुछ लोग शाम होने से पहले ही अपने घरों में लौट रहे हैं।
मामले को लेकर ऑल पीएम पैकेज एम्प्लॉइज एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री और उपराज्यपाल से हस्तक्षेप की अपील की है। संगठन ने धमकी की गंभीरता से जांच कराने और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
बताया जा रहा है कि यूएलसी के नाम से जारी पोस्टर और चिट्ठियां सोशल मीडिया के साथ-साथ कुछ इलाकों की दीवारों पर भी दिखाई दी हैं। अब सुरक्षा एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन धमकियों के स्रोत और उनकी वास्तविकता की जांच करना है।
कश्मीर में लंबे समय बाद सामान्य हालात की ओर लौटने के दावों के बीच ऐसी धमकियों ने एक बार फिर कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारियों की मांग साफ है—डर के माहौल में काम नहीं, उन्हें भरोसे के साथ सुरक्षा चाहिए।







