मध्य प्रदेश में अतिथि विद्वानों का आंदोलन अब एक नए राजनीतिक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। नियमितीकरण, नौकरी की स्थिरता और फॉलन आउट प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे अतिथि विद्वानों ने अब ‘विद्वान जनता पार्टी’, यानी VJP बनाने का ऐलान किया है।
दरअसल, पिछले दिनों बड़ी संख्या में अतिथि विद्वानों ने भोपाल में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के आवास के बाहर प्रदर्शन किया था। उनकी प्रमुख मांग है कि नियमितीकरण और स्थायित्व को लेकर स्पष्ट नीति बनने तक फॉलन आउट प्रक्रिया को रोका जाए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मुद्दे पर मंत्री और अतिथि विद्वानों के बीच बातचीत भी हुई, लेकिन फॉलन आउट प्रक्रिया रोकने को लेकर सहमति नहीं बनी।
इसी घटनाक्रम के बाद अतिथि विद्वानों ने चुनावी राजनीति में उतरने का संकेत दिया है। VJP की ओर से जारी पोस्टर में शुजालपुर विधानसभा क्षेत्र का भी उल्लेख किया गया है। पोस्टर में कहा गया है कि आने वाले समय में शुजालपुर से चुनाव मैदान में उतरा जा सकता है।
शुजालपुर वही विधानसभा क्षेत्र है, जहां से इंदर सिंह परमार विधायक हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में परमार ने शुजालपुर सीट से जीत दर्ज की थी।
VJP के पोस्टर में अतिथि विद्वानों के सम्मान, नियमितीकरण की गारंटी, सुरक्षित भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव को प्रमुख मुद्दों के तौर पर बताया गया है।
हालांकि, इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण सवाल अभी बाकी है—क्या ‘विद्वान जनता पार्टी’ का औपचारिक पंजीयन हो चुका है और आगामी चुनाव में यह पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी? फिलहाल इन सवालों पर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
यानी, अतिथि विद्वानों का आंदोलन अब सिर्फ नौकरी और नियमितीकरण की मांग तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि चुनावी राजनीति में अपनी आवाज पहुंचाने की तैयारी भी सामने आ रही है। आने वाले दिनों में VJP का अगला कदम मध्य प्रदेश की सियासत में चर्चा का विषय बन सकता है।




