अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आज राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास की ओर निकाले गए मार्च के दौरान राजनीतिक माहौल गरमा गया। प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने फिरोजशाह रोड पर रोक दिया, जिसके बाद आम आदमी पार्टी के नेता और समर्थक सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और कई मार्गों पर यातायात भी प्रभावित रहा।
धरने के दौरान अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने E20 नीति के विरोध में देशभर से दो लाख से अधिक लोगों की चिट्ठियां प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाई हैं। उनका दावा था कि बड़ी संख्या में नागरिक इस नीति को लेकर अपनी चिंताएं जता रहे हैं और सरकार को जनता की आवाज सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की राय सर्वोपरि होती है और सरकार को इन सुझावों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा कारणों से आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई। अधिकारियों ने प्रदर्शन को नियंत्रित रखने के लिए बैरिकेडिंग की और हालात पर लगातार नजर बनाए रखी। प्रदर्शन के दौरान किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
दूसरी ओर, इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष इसे जनता की आवाज उठाने का प्रयास बता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष का कहना है कि संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा नियमों का पालन करना सभी के लिए जरूरी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि E20 नीति को लेकर उठे इस विवाद पर सरकार क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या दोनों पक्षों के बीच किसी संवाद की संभावना बनती है।
फिलहाल दिल्ली की राजनीति में यह प्रदर्शन चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी घमासान और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।







