रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS के कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले की जांच में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी अमन अंसारी ने दावा किया है कि यह हमला किसी व्यक्तिगत दुश्मनी का नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस हमले के निर्देश दुबई से दिए गए थे। पूछताछ में सामने आया है कि तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान यानी TTH से जुड़े कुछ कथित सदस्य इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि रांची में हमले के बाद अगला निशाना उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित RSS कार्यालय था।
सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती योजना फायरिंग की थी, लेकिन बाद में रणनीति बदलकर पेट्रोल बम हमले का रास्ता चुना गया। 17 जून को रांची में हमला करने के बाद आरोपी कानपुर भागने की कोशिश में थे, लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें गझंडी स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया।
अब जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि इस कथित साजिश के तार देश के भीतर किन लोगों से जुड़े हुए थे और विदेश से किस तरह निर्देश तथा समर्थन मिल रहा था। सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हैं।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह केवल एक शहर तक सीमित साजिश थी या फिर देश के कई हिस्सों को निशाना बनाने की बड़ी योजना तैयार की गई थी। आने वाले दिनों में जांच के साथ और भी बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।







