उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर रहे अंकिता के माता-पिता को पुलिस ने गुरुवार तड़के हिरासत में ले लिया। हालांकि, करीब दो घंटे बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद मामले को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है।
जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 3 बजकर 45 मिनट पर दिल्ली पुलिस ने सीआरपीएफ के साथ मिलकर कार्रवाई की। अंकिता के माता-पिता के साथ कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और अन्य प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया गया। सभी को तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया था। करीब दो घंटे बाद अंकिता के माता-पिता को छोड़ दिया गया।
दरअसल, अंकिता भंडारी साल 2022 में उत्तराखंड के एक होटल में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थी। उसकी हत्या के मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस केस में एक कथित वीआईपी को लेकर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं, हालांकि संबंधित वीआईपी की पहचान सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं हुई है।
अंकिता का परिवार लंबे समय से मामले में पूरी सच्चाई सामने लाने और न्याय की मांग कर रहा है। परिवार दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने का भी विरोध कर रहा है और उनकी कथित भूमिका को लेकर सवाल उठाता रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और कानूनी स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है।
बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी अंकिता के परिवार के समर्थन में धरनास्थल पर पहुंचे थे। इसके बाद प्रदर्शन ने और अधिक राजनीतिक ध्यान खींचा।
अब सवाल यह है कि अंकिता के परिवार की न्याय की मांग पर आगे क्या कार्रवाई होगी? क्या मामले से जुड़े सभी सवालों के जवाब सामने आएंगे? फिलहाल, अंकिता भंडारी केस में न्याय की मांग एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है।



