कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का एक वीडियो इन दिनों चर्चा में है। वीडियो में पंडित प्रदीप मिश्रा गणेश प्रतिमा के विसर्जन के लिए नाव में सवार नजर आ रहे हैं। उनके साथ एक सहयोगी भी नाव में मौजूद दिखाई देता है।
वीडियो में पंडित प्रदीप मिश्रा की गोद में भगवान गणेश की प्रतिमा दिखाई दे रही है और वे प्रतिमा के विसर्जन के लिए तालाब में आगे बढ़ते नजर आते हैं। लेकिन इस दौरान सबसे ज्यादा ध्यान जिस बात ने खींचा, वह है उनका लाइफ जैकेट नहीं पहनना।
नाव में मौजूद उनके सहयोगी ने भी लाइफ जैकेट नहीं पहना हुआ था। यही वजह है कि वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर सुरक्षा को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
लोगों का कहना है कि धार्मिक आस्था और परंपरा अपनी जगह है, लेकिन पानी में नाव से विसर्जन के दौरान सुरक्षा नियमों का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। खासकर तब, जब नाव में सवार व्यक्ति के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भावनाएं और उनका अनुसरण जुड़ा हो।
पंडित प्रदीप मिश्रा के देशभर में बड़ी संख्या में अनुयायी हैं। ऐसे में उनके द्वारा लाइफ जैकेट पहनकर विसर्जन करने से लोगों को जल सुरक्षा का सकारात्मक संदेश मिल सकता था।
हालांकि, सामने आए इस वीडियो में किसी हादसे की जानकारी नहीं है और वीडियो के आधार पर ही सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। यह भी स्पष्ट नहीं है कि विसर्जन के दौरान प्रशासन या नाव संचालन से जुड़े सुरक्षा इंतजाम क्या थे।
गणेश उत्सव आस्था और उत्साह का पर्व है, लेकिन विसर्जन के दौरान सावधानी बेहद जरूरी है। नाव में सफर करते समय लाइफ जैकेट पहनना, क्षमता से ज्यादा लोगों को नाव में न बैठाना और प्रशासन के सुरक्षा निर्देशों का पालन करना किसी भी अनहोनी को रोकने में मदद कर सकता है।
अब पंडित प्रदीप मिश्रा के इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है—कुछ लोग इसे आस्था से जुड़ा सामान्य विसर्जन बता रहे हैं, तो कुछ लोग इसे जल सुरक्षा के नजरिए से देख रहे हैं।






