BRICS समिट का आज आखिरी दिन है और दुनिया की नजरें इस बैठक पर टिकी हैं। आज होने वाली ओपन मीटिंग में BRICS के सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ-साथ आमंत्रित देशों के प्रमुख भी शामिल होंगे। इस दौरान वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार और आपसी सहयोग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
समिट के बीच सबसे बड़ी खबर BRICS की साझा करेंसी को लेकर सामने आई है। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल BRICS देशों की अपनी कोई साझा मुद्रा बनाने का प्रस्ताव नहीं है। यानी आने वाले समय में BRICS की तरफ से कोई अलग कॉमन करेंसी लॉन्च करने की योजना फिलहाल नहीं है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि BRICS देश आर्थिक सहयोग बढ़ाने की दिशा में आगे नहीं बढ़ रहे हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, सदस्य देशों के बीच स्थानीय यानी लोकल करेंसी में व्यापार और भुगतान को बढ़ावा देने पर चर्चा जारी है।
इस पहल का मकसद डॉलर पर निर्भरता को लेकर बहस से अलग, आपसी कारोबार को आसान बनाना और लेन-देन की लागत को कम करना है। अगर स्थानीय मुद्राओं में भुगतान का इस्तेमाल बढ़ता है, तो सदस्य देशों के बीच व्यापार में करेंसी कन्वर्जन और उससे जुड़ी लागत कम हो सकती है।
वहीं, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कई अहम द्विपक्षीय मुलाकातें भी होने वाली हैं। समिट के अंतिम दिन PM मोदी चार देशों के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठक करेंगे। इन मुलाकातों में द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग जैसे मुद्दों पर बातचीत हो सकती है।
कुल मिलाकर BRICS का यह समिट भारत के लिए आर्थिक सहयोग के साथ-साथ वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका मजबूत करने का एक अहम अवसर है। साझा करेंसी पर अभी कोई प्रस्ताव नहीं है, लेकिन लोकल करेंसी में व्यापार को बढ़ावा देने की दिशा में बातचीत जरूर आगे बढ़ रही है।







