मध्यप्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कई जिलों में हालात बिगाड़ दिए हैं। चित्रकूट में करीब 14 घंटे से जारी तेज बारिश के बाद बाढ़ ने भयावह रूप ले लिया है। गोरगी बांध के फूटने के बाद आसपास के इलाकों में तेजी से पानी भर गया, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
सबसे चिंताजनक तस्वीर चित्रकूट के रामघाट से सामने आई है, जहां मंदाकिनी नदी करीब 30 फीट ऊंचे उफान पर है। तेज बहाव की चपेट में आकर रामघाट का करीब 300 मीटर लंबा पुल बह गया। रामघाट और भरतघाट पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं, जबकि घाट किनारे मौजूद करीब 400 दुकानें भी जलमग्न हो गई हैं।
बाढ़ का पानी अब रिहायशी इलाकों और नयागांव राजमहल तक पहुंच गया है। कई लोग घरों और होटलों में फंसे हुए हैं। हालात को देखते हुए SDRF की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं। कई इलाकों में सड़कें पानी में डूबने के बाद नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।
उधर सतना के मझगवां में रेलवे ट्रैक पर पानी भर गया है। इसके चलते आनंद विहार से रीवा जाने वाली पैसेंजर ट्रेन कई घंटों से खड़ी है। सड़कें, थाना, पेट्रोल पंप और दूसरे सार्वजनिक स्थान भी बाढ़ के पानी से प्रभावित हुए हैं।
सतना-चित्रकूट मार्ग तीन जगह से बंद है, जबकि बिजली के पोल और ट्रांसफॉर्मर भी प्रभावित हुए हैं। पन्ना समेत कई इलाकों में गांव टापू में तब्दील हो गए हैं।
फिलहाल प्रशासन और रेस्क्यू टीमें हालात पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वे नदी, नालों और तेज बहाव वाले इलाकों से दूर रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।







