मुंबई-गोवा हाईवे के चौड़ीकरण में लगातार हो रही देरी को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नाराजगी जताई है। उन्होंने साफ कहा कि इस परियोजना की धीमी रफ्तार को लेकर उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती है और जब हाईवे का काम आखिरकार पूरा होगा, तब होने वाले उद्घाटन कार्यक्रम में वह शामिल नहीं होंगे।
गडकरी ने ठेकेदारों और अधिकारियों की जवाबदेही पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में देरी और खराब गुणवत्ता के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को निलंबित करने का रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं।
मुंबई-गोवा हाईवे का चौड़ीकरण काफी समय से लंबित है। इस परियोजना को पहले 2016 तक पूरा किया जाना था, लेकिन तय समयसीमा के कई साल बाद भी काम पूरी तरह खत्म नहीं हो पाया है। यही देरी अब सरकार के लिए बड़ा सवाल बन गई है।
गडकरी ने कहा कि वह अक्टूबर में खुद मुंबई-गोवा हाईवे से होकर गोवा जाएंगे और रास्ते में चल रहे काम की स्थिति का जायजा लेंगे। यानी अब सिर्फ अधिकारियों की रिपोर्ट पर भरोसा नहीं, बल्कि मंत्री खुद जमीनी हकीकत देखेंगे।
यह बयान उन्होंने बुधवार को पणजी के पास पोरवोरिम में छह लेन वाले एलिवेटेड रोड कॉरिडोर के उद्घाटन के दौरान दिया।
गडकरी के इस सख्त रुख से साफ है कि लंबे समय से अटकी परियोजनाओं और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर अब जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई का दबाव बढ़ सकता है। मुंबई-गोवा हाईवे की निगाहें अब अक्टूबर के निरीक्षण और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।







