नर्मदा तट पर आज होगा राष्ट्र निर्माण का मंथन
इंदौर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत बुधवार सुबह इंदौर पहुंचे, लेकिन उनका ठहराव बेहद संक्षिप्त रहा। शहर में औपचारिक स्वागत के बाद वे सीधे खरगोन जिले के कसरावद के लिए रवाना हो गए। नर्मदा तट के लेपा क्षेत्र में स्थित नर्मदालय आश्रम आज एक विशेष कारण से चर्चा के केंद्र में है, जहां सेवा और पुनर्वास से जुड़े एक अहम कार्यक्रम में डॉ. भागवत की सहभागिता प्रस्तावित है।
यह कार्यक्रम श्री रामकृष्ण विश्व सद्भावना निकेतन और नर्मदालय परिवार के संयुक्त आयोजन के तहत हो रहा है। दोपहर 1.30 बजे शुरू होकर शाम 5 बजे तक चलने वाले इस आयोजन में सामाजिक सेवा, आदिवासी कल्याण और पुनर्वास के क्षेत्र में सक्रिय कार्यकर्ता बड़ी संख्या में जुटेंगे। सबसे खास बात यह है कि डॉ. भागवत यहां मंच से नहीं, बल्कि संवाद के माध्यम से सेवा कार्यों में लगे लोगों से सीधे जुड़ेंगे।
सेवा से समरसता, संवाद से दिशा
कार्यक्रम के दौरान डॉ. मोहन भागवत “मनुष्य निर्माण से राष्ट्र निर्माण” विषय पर अपने विचार रखेंगे। यह संबोधन केवल विचारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जमीनी अनुभवों और समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों के साथ कार्य कर रहे कार्यकर्ताओं के संवाद से इसे नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
कसरावद का नर्मदालय आश्रम लंबे समय से आदिवासी विकास और पुनर्वास गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। ऐसे क्षेत्र में संघ प्रमुख की उपस्थिति को संगठन की जमीनी सेवा प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी संभावित है, जिससे आपसी समझ, संवाद और सामाजिक समरसता को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस आयोजन को संघ की भविष्य की रणनीति के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है, जहां सेवा और पुनर्वास को केवल गतिविधि नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला के रूप में आगे बढ़ाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।







