टीचर्स डे के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों से खास मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी का एक सवाल और महिला शिक्षक का जवाब चर्चा में आ गया। पीएम ने खुद एक स्टूडेंट बनकर पूछा कि अगर उन्हें अच्छा पब्लिक स्पीकर बनना हो, तो क्या करना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुने गए शिक्षकों से बातचीत की। इस दौरान पीएम ने एक महिला शिक्षक से पब्लिक स्पीकिंग को लेकर सवाल किया। पीएम मोदी ने पूछा कि अगर मैं आपका स्टूडेंट हूं और मुझे एक अच्छा स्पीकर बनना है, तो मुझे क्या-क्या करना चाहिए?
महिला शिक्षक ने जवाब दिया कि सबसे पहले कॉन्फिडेंस होना चाहिए। शिक्षक का जवाब सुनकर पीएम मोदी मुस्कुराए और मजाकिया अंदाज में पूछा कि आखिर ये कॉन्फिडेंस आएगा कैसे?
इस पर शिक्षक ने कहा कि कॉन्फिडेंस के लिए लगातार प्रैक्टिस करनी होती है। यानी अच्छा वक्ता बनने के लिए सिर्फ बोलने की इच्छा काफी नहीं, बल्कि नियमित अभ्यास और आत्मविश्वास दोनों जरूरी हैं।
पीएम मोदी और शिक्षक के बीच हुई यह छोटी-सी बातचीत एक बड़ा संदेश देती है। पब्लिक स्पीकिंग हो या जिंदगी का कोई दूसरा कौशल, शुरुआत झिझक के साथ हो सकती है, लेकिन लगातार अभ्यास इंसान के आत्मविश्वास को मजबूत करता है।
इस साल राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए कुल 82 शिक्षक और एजुकेटर्स चुने गए हैं। इनमें 48 स्कूली शिक्षक शामिल हैं। इसके अलावा उच्च शिक्षण संस्थानों और पॉलिटेक्निक से 21 फैकल्टी सदस्य तथा कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय से 13 स्किल ट्रेनर भी पुरस्कार के लिए चयनित किए गए हैं।
पीएम मोदी की शिक्षकों के साथ यह बातचीत सिर्फ सम्मान का अवसर नहीं रही, बल्कि सीखने और सिखाने की अहमियत को भी सामने लेकर आई।





