एक तरफ दो शराब ब्रांड—बंबइया व्हिस्की और सागर गोल्ड… दूसरी तरफ दो ठेकेदार… और इस पूरे मामले में सामने आया मौतों का भयावह आंकड़ा—22।
शराब से जुड़ी मौतों के इस गंभीर मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कथित नेटवर्क की परतें खुलती जा रही हैं। पुलिस की FIR में बंबइया व्हिस्की और सागर गोल्ड जैसे ब्रांडों के नाम सामने आए हैं, जिसके बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है।
जांच के घेरे में सिर्फ शराब कारोबार से जुड़े लोग ही नहीं हैं, बल्कि ततरवारा के सरपंच समेत करीब 30 लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शराब की सप्लाई कहां से हुई, इसे किन लोगों ने खरीदा-बेचा और आखिर वह नेटवर्क कितना बड़ा था।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर शराब की गुणवत्ता या सप्लाई में गड़बड़ी थी, तो इसकी जानकारी जिम्मेदार लोगों तक पहले क्यों नहीं पहुंची? और अगर अवैध तरीके से शराब का कारोबार चल रहा था, तो इसे रोकने में सिस्टम कहां चूक गया?
22 मौतों के बाद अब कार्रवाई तेज है, लेकिन इन मौतों की जिम्मेदारी तय करना सबसे बड़ी चुनौती है। FIR में नाम आना आरोप का हिस्सा है, दोष साबित होना अभी बाकी है।
फिलहाल पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, यह साफ होगा कि इस कथित शराब नेटवर्क के पीछे असली जिम्मेदार कौन थे और 22 जिंदगियों को आखिर किसकी लापरवाही की कीमत चुकानी पड़ी।





