...
Home » Uncategorized » नेता प्रतिपक्ष बनने से पहले सियासी हलचल, भाई की गिरफ्तारी से गरमाई राजनीति

नेता प्रतिपक्ष बनने से पहले सियासी हलचल, भाई की गिरफ्तारी से गरमाई राजनीति

इंदौर की राजनीति में सोमवार सुबह उस वक्त नया मोड़ आ गया, जब नगर निगम में नवनियुक्त नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट के पदभार ग्रहण समारोह से ठीक पहले उनके भाई बादशाह मिमरोट को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब कांग्रेस इस कार्यक्रम को शक्ति प्रदर्शन के रूप में देख रही थी, जिससे पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक रंग पकड़ लिया।

पुलिस के मुताबिक बादशाह मिमरोट के खिलाफ पंढरीनाथ थाने में पहले से मामला दर्ज था। आरोप है कि कुछ दिन पहले कलेक्ट्रेट के सामने महिला कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था प्रभावित की, पुलिस अधिकारियों से अभद्र व्यवहार किया और सार्वजनिक रूप से आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। मामले की जांच के दौरान उनकी भूमिका सामने आने के बाद उन्हें आरोपी बनाया गया था।

रविवार देर रात पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बादशाह मिमरोट को हिरासत में लिया और सोमवार को उन्हें एसीपी कोर्ट में पेश किया गया। पंढरीनाथ थाना प्रभारी सतीश पटेल ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रकरण में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से पहले बादशाह मिमरोट अपनी बहन सोनिला मिमरोट के पदभार ग्रहण समारोह की तैयारियों में जुटे हुए थे। ऐसे में कार्यक्रम से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई ने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस समर्थकों के बीच इसे लेकर नाराजगी भी देखने को मिली, जबकि पुलिस का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और इसका किसी राजनीतिक कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं है।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि सोनिला मिमरोट के पदभार ग्रहण समारोह के दौरान कांग्रेस इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है और पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर आगे राजनीतिक बयानबाजी किस दिशा में जाती है।

बनने से पहले सियासी हलचल

भाई की गिरफ्तारी से गरमाई राजनीति

इंदौर की राजनीति में सोमवार सुबह उस वक्त नया मोड़ आ गया, जब नगर निगम में नवनियुक्त नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट के पदभार ग्रहण समारोह से ठीक पहले उनके भाई बादशाह मिमरोट को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब कांग्रेस इस कार्यक्रम को शक्ति प्रदर्शन के रूप में देख रही थी, जिससे पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक रंग पकड़ लिया।

पुलिस के मुताबिक बादशाह मिमरोट के खिलाफ पंढरीनाथ थाने में पहले से मामला दर्ज था। आरोप है कि कुछ दिन पहले कलेक्ट्रेट के सामने महिला कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था प्रभावित की, पुलिस अधिकारियों से अभद्र व्यवहार किया और सार्वजनिक रूप से आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। मामले की जांच के दौरान उनकी भूमिका सामने आने के बाद उन्हें आरोपी बनाया गया था।

रविवार देर रात पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बादशाह मिमरोट को हिरासत में लिया और सोमवार को उन्हें एसीपी कोर्ट में पेश किया गया। पंढरीनाथ थाना प्रभारी सतीश पटेल ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रकरण में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से पहले बादशाह मिमरोट अपनी बहन सोनिला मिमरोट के पदभार ग्रहण समारोह की तैयारियों में जुटे हुए थे। ऐसे में कार्यक्रम से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई ने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस समर्थकों के बीच इसे लेकर नाराजगी भी देखने को मिली, जबकि पुलिस का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और इसका किसी राजनीतिक कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं है।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि सोनिला मिमरोट के पदभार ग्रहण समारोह के दौरान कांग्रेस इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है और पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर आगे राजनीतिक बयानबाजी किस दिशा में जाती है।

बनने से पहले सियासी हलचल

भाई की गिरफ्तारी से गरमाई राजनीति

इंदौर की राजनीति में सोमवार सुबह उस वक्त नया मोड़ आ गया, जब नगर निगम में नवनियुक्त नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट के पदभार ग्रहण समारोह से ठीक पहले उनके भाई बादशाह मिमरोट को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब कांग्रेस इस कार्यक्रम को शक्ति प्रदर्शन के रूप में देख रही थी, जिससे पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक रंग पकड़ लिया।

पुलिस के मुताबिक बादशाह मिमरोट के खिलाफ पंढरीनाथ थाने में पहले से मामला दर्ज था। आरोप है कि कुछ दिन पहले कलेक्ट्रेट के सामने महिला कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था प्रभावित की, पुलिस अधिकारियों से अभद्र व्यवहार किया और सार्वजनिक रूप से आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। मामले की जांच के दौरान उनकी भूमिका सामने आने के बाद उन्हें आरोपी बनाया गया था।

रविवार देर रात पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बादशाह मिमरोट को हिरासत में लिया और सोमवार को उन्हें एसीपी कोर्ट में पेश किया गया। पंढरीनाथ थाना प्रभारी सतीश पटेल ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रकरण में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से पहले बादशाह मिमरोट अपनी बहन सोनिला मिमरोट के पदभार ग्रहण समारोह की तैयारियों में जुटे हुए थे। ऐसे में कार्यक्रम से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई ने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस समर्थकों के बीच इसे लेकर नाराजगी भी देखने को मिली, जबकि पुलिस का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और इसका किसी राजनीतिक कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं है।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि सोनिला मिमरोट के पदभार ग्रहण समारोह के दौरान कांग्रेस इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है और पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर आगे राजनीतिक बयानबाजी किस दिशा में जाती है।

Share This
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted

Share this post:

खबरें और भी हैं...

लाइव क्रिकट स्कोर

HUF Registration Services In India
Digital marketing for news publishers

राशिफल

0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x
Seraphinite AcceleratorOptimized by Seraphinite Accelerator
Turns on site high speed to be attractive for people and search engines.