मध्य प्रदेश में मानसून के स्ट्रॉन्ग सिस्टम के चलते लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कहीं सड़कें बंद हैं, कहीं पुलों पर पानी बह रहा है, तो कहीं बाढ़ के पानी में लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ गई है।
सीधी से बड़ी खबर सामने आई है, जहां कैमूर पहाड़ की मूड़ा घाटी में लैंडस्लाइड के चलते सीधी-उत्तर प्रदेश मार्ग पूरी तरह ब्लॉक हो गया है। पहाड़ से बड़े-बड़े पत्थर और पेड़ सड़क पर आ गिरे हैं। सड़क के नीचे 100 फीट से ज्यादा गहरी खाई होने के कारण यहां हालात बेहद खतरनाक बने हुए हैं। प्रशासन की चुनौती सिर्फ रास्ता खुलवाने की नहीं, बल्कि किसी बड़े हादसे को रोकने की भी है।
उधर, छतरपुर में मूसलाधार बारिश को देखते हुए सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। लवकुशनगर में बारिश के बीच एक कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। मकान गिरने का वीडियो भी सामने आया है, जिसने लगातार हो रही बारिश से कमजोर हुए कच्चे घरों की स्थिति की तस्वीर साफ कर दी है।
उमरिया में बाढ़ का पानी एक महिला को अपने साथ बहा ले गया। महिला के अब तक लापता होने की खबर है। लगातार बारिश और जलभराव के बीच प्रशासन और राहत दल उसकी तलाश में जुटे हैं।
हालांकि चित्रकूट से थोड़ी राहत की खबर है। मंदाकिनी नदी का जलस्तर कम होने के बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं। जिन सड़कों पर पिछले चार दिनों से नावें चल रही थीं, वहां अब दोबारा वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है।
वहीं मैहर में कई पुलों के ऊपर से पानी बहने के कारण मुकुंदपुर मार्ग को बंद रखा गया है।
इसके अलावा बरगी डैम के छह गेट खोले गए हैं, जिससे निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
फिलहाल प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का असर कायम है और प्रशासन लोगों से नदी, नाले और जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने की अपील कर रहा है। आने वाले घंटों में मौसम और जलस्तर की स्थिति पर सबकी नजर बनी हुई है।






