देश के कई हिस्सों में लगातार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। बिहार से लेकर उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश तक बाढ़, जलभराव और लैंडस्लाइड के हालात बने हुए हैं।
सबसे पहले बात बिहार की। प्रदेश के कई जिलों में पिछले दो दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। राजधानी पटना में गंगा नदी खतरे के निशान से करीब 2 फीट ऊपर बह रही है। हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राज्य के 13 जिले बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि 8 नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन की नजर संवेदनशील इलाकों पर बनी हुई है और राहत-बचाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
अब बात उत्तर प्रदेश के वाराणसी की। लगातार बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। काशी में वरुणा नदी के किनारे रहने वाले 407 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। अब तक करीब 2 हजार 910 लोग विस्थापित हो चुके हैं। राहत और बचाव अभियान के लिए प्रशासन ने 36 नावों को मैदान में उतारा है। हालात पर केंद्र सरकार की भी नजर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के जिलाधिकारी और मेयर से बातचीत कर बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की जानकारी ली है।
उधर पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में बारिश के साथ लैंडस्लाइड ने परेशानी बढ़ा दी है। बुधवार रात हुई तेज बारिश के बाद मलबा गिरने से 175 से ज्यादा सड़कें बंद हो गईं। कालका-शिमला फोरलेन पर भी भारी मलबा आ गिरा, जिसके चलते कई वाहन रातभर रास्ते में फंसे रहे।
फिलहाल बिहार में बाढ़, काशी में बढ़ता जलस्तर और हिमाचल में बंद सड़कें प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। लगातार बारिश के बीच लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की जा रही है।







