राशन दुकान आबंटन के नाम पर एक लाख की मांग, शिकायत के बाद बिछाया गया जाल
बिलासपुर। भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी सख्त मुहिम के बीच एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मस्तूरी क्षेत्र में पदस्थ फूड इंस्पेक्टर श्याम वस्त्रकार को 90 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई शनिवार को तिफरा के महावीर सिटी स्थित उसके आवास पर की गई, जहां एसीबी की टीम ने पहले से बिछाए जाल के तहत दबिश दी।
जानकारी के मुताबिक, मस्तूरी थाना क्षेत्र के ग्राम विद्याडीह निवासी महेंद्र पटेल ने तीन फरवरी को एसीबी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि गांव की शासकीय उचित मूल्य की दुकान को स्व सहायता समूह के नाम आबंटित कराने के एवज में फूड इंस्पेक्टर ने एक लाख रुपये की मांग की थी। यह दुकान फिलहाल पंचायत के माध्यम से संचालित हो रही थी और शैल स्व सहायता समूह ने करीब तीन महीने पहले एसडीएम कार्यालय मस्तूरी में आवेदन दिया था।
समूह के पदाधिकारियों ने महेंद्र पटेल को फूड इंस्पेक्टर से संपर्क करने की सलाह दी। आरोप है कि मुलाकात के दौरान श्याम वस्त्रकार ने एसडीएम के समक्ष अनुकूल जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने और दुकान आबंटन आदेश जारी कराने के बदले एक लाख रुपये की मांग की। महेंद्र पटेल ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए एसीबी से संपर्क किया।
शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई। तय रणनीति के तहत 21 फरवरी को शिकायतकर्ता 90 हजार रुपये लेकर आरोपी के पास पहुंचा। जैसे ही आरोपी ने रकम स्वीकार की, पहले से सतर्क एसीबी टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे दबोच लिया। टीम ने पूरी रिश्वत राशि जब्त कर ली है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी के घर की तलाशी ली जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह वर्ष 2026 में एसीबी बिलासपुर की चौथी ट्रैप कार्रवाई है। इससे पहले तहसीलदार, पटवारी, एसडीएम कार्यालय के बाबू और सीएसपीडीसीएल के अधिकारी-कर्मचारी को भी रिश्वत लेते गिरफ्तार किया जा चुका है।
लगातार हो रही कार्रवाइयों से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। एसीबी का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में आगे भी इसी तरह सख्ती बरती जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।







