मध्य पूर्व में तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए कथित ईरानी ड्रोन हमले ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। इस हमले में एक भारतीय नागरिक की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 63 लोग घायल बताए जा रहे हैं।
कुवैत के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, कई घायलों को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। हादसे के बाद एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव के लिए 25 एम्बुलेंस मौके पर भेजी गईं। सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
हमले में एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 को भारी नुकसान पहुंचा, जिसके चलते सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए हवाई यातायात भी रोकना पड़ा। घटना के बाद कुवैत में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
वहीं, कुवैत स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिक की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदना जताई है। इससे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया था कि ईरान ने कुवैत में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर ड्रोन हमले किए थे, हालांकि अधिकांश हमलों को नाकाम कर दिया गया।
अब सवाल यह है कि क्या यह हमला मध्य पूर्व में एक बड़े टकराव का संकेत है? दुनिया की नजरें कुवैत और ईरान के बीच बढ़ते इस तनाव पर टिकी हुई हैं।







