इंदौर में 19 सितंबर को होने वाले कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर प्रचार का अंदाज इस बार कुछ अलग नजर आ रहा है। पारंपरिक राजनीतिक प्रचार से हटकर कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता अब युवाओं के बीच पहुंचकर उनसे सीधे संवाद कर रहे हैं।
न ढोल-नगाड़े, न बड़े-बड़े मंच और न ही हार-फूलों का तामझाम। इसकी जगह दिखाई दे रहा है जींस-टीशर्ट पहने युवाओं के बीच नेताओं का संवाद, गिटार की धुन, डांस और नुक्कड़ नाटक।
कांग्रेस की कोशिश है कि प्रचार का यह अंदाज सीधे कॉलेज और युवा वर्ग से जुड़ सके। अलग-अलग जगहों पर संगीत और कला के जरिए माहौल बनाया जा रहा है और इसी दौरान छात्रों को 19 सितंबर के कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता दिया जा रहा है।
नुक्कड़ नाटक के जरिए युवाओं से जुड़े मुद्दों को सामने रखा जा रहा है, तो कहीं गिटार और डांस के जरिए कार्यक्रम का संदेश पहुंचाया जा रहा है। यानी इस बार राजनीतिक प्रचार का फोकस पारंपरिक रैली से ज्यादा युवाओं के बीच मौजूद रहने और उनसे बातचीत करने पर दिखाई दे रहा है।
19 सितंबर को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम से पहले कांग्रेस का यह Gen-Z स्टाइल प्रचार शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
अब देखना यह होगा कि युवाओं के बीच संगीत, कला और सीधे संवाद के इस नए अंदाज से कांग्रेस अपने कार्यक्रम तक कितने छात्रों को जोड़ पाती है।





