इंदौर, देश के सबसे स्वच्छ शहर के तमगे पर आज गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भागीरथपुरा इलाके में गंदे पानी की सप्लाई से अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। इस दर्दनाक घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।
रविवार को इस मामले को लेकर कांग्रेस सड़कों पर उतर आई। बड़ा गणपति चौराहा पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, स्थानीय पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता इकट्ठा हुए। यहां से ‘विशाल न्याय यात्रा’ की शुरुआत हुई, जो ऐतिहासिक राजवाड़ा तक निकाली जाएगी। माहौल गुस्से और सवालों से भरा रहा हर चेहरा जवाब मांग रहा था।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस इंदौर की जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भागीरथपुरा की घटना के बाद सरकार मौतों के असली आंकड़े छुपाने की कोशिश कर रही है।
उमंग सिंघार ने कहा, “आज भी इंदौर के कई इलाकों में गंदा पानी सप्लाई किया जा रहा है। सरकार आंख मूंदे बैठी है। साफ पानी कोई भीख नहीं, जनता का अधिकार है।”
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि सीधा अपराध है। “इस घटना में जिन लोगों की जान गई है, उनके जिम्मेदार कातिल हैं। उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए,” यह कहते हुए उन्होंने सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
भागीरथपुरा की गलियों में अब भी डर का माहौल है। सवाल सिर्फ इतना नहीं कि 21 मौतें कैसे हुईं, सवाल यह है कि क्या अगला नंबर किसी और का होगा? इंदौर की जनता आज जवाब चाहती है और शायद यही सवाल इस न्याय यात्रा की असली आवाज़ है।







